क्वारंटीन सेंटर से भागने और पुलिस कर्मियों से मारपीट के आरोप में गिरफ्तार कोरोना संदिग्ध को अदालत ने जमानत देने से इंकार कर दिया। आरोपी क्वारंटीन सेंटर से मौका पाकर भाग निकला था, जिसे पुलिस ने बाद में धर दबोचा था। फिलहाल यह आरोपी हिरासत में है।
तीस हजारी कोर्ट के ड्यूटी मजिस्ट्रेट ऋषभ कपूर ने आरोपी की जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा कि उसने कोरोना महामारी के समय में ड्यूटी कर रहे सरकारी कर्मियों पर हमला करके गंभीर अपराध किया। इसके साथ ही आरोपी ने कोरोना के लक्षण होने के बावजूद क्वारंटीन सेंटर से भागकर भी दूसरा गंभीर अपराध किया। अगर आरोपी भागने में कामयाब हो जाता तो वह अन्य लोगों में भी कोरोना संक्रमण फैला सकता था। ऐसी स्थिति में आरोपी को जमानत नहीं दी जा सकती।
वहीं आरोपी के वकील ने पुलिस के आरोपों को गलत ठहराते हुए कहा कि उनके मुवक्किल को झूठे मामले में फंसाया जा रहा है। वकील ने यह भी सवाल उठाया कि उनका मुवक्किल क्वारंटीन सेंटर में पत्थर कहां से लाया जबकि वहां आसपास कोई पत्थर नहीं थे। इसके बाद अदालत ने घटना के दौरान पुलिस कर्मियों को लगी चोटों का हवाला देकर कहा कि अगर घटना नहीं हुई तो उन्हें चाटें कैसे लगीं।
वहीं पुलिस ने दलील दी कि आरोपी ने अपने साथी के साथ मिलकर क्वारंटीन सेंटर में लगे सीसीटीवी कैमरे भी तोड़ दिए थे। इसके बाद जब पुलिस कर्मियों ने आरोपी को भागने से रोका तो उसने पथराव कर दिया जिससे वह घायल हो गए।