इस चुनौती से कैसे निबटेंगे केजरीवाल, क्या काम आएगा ये थ्री प्वाइंट फार्मूला

लॉकडाउन 3.0 में देश की सभी सरकारों के सामने दोहरी चुनौती है। उन्हें कोरोना से लड़ाई भी लड़नी है और अपनी अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए कदम भी उठाने हैं। इसी दोहरी चुनौती के बीच जब कुछ जगहों पर शराब की दुकानें खोली गईं तो उनके सामने लंबी भीड़ लग गई।


लोग सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों की धज्जियां उड़ाते दिखाई पड़े। पुलिस प्रशासन भी लोगों के बीच दूरी बनाए रखने में असफल साबित हुआ और कई जगहों पर दुकानों को बंद करना पड़ा। इस मौके पर विपक्ष भी सरकार पर हमलावर हो उठा।
मुख्यमंत्री ने कहा- वापस ले लेंगे छूट
लोगों के इस व्यवहार पर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल भी काफी दुखी नजर आए। उन्होंने कहा कि दिल्ली ने केंद्र के नियमों को ध्यान में रखते हुए बाजार के कुछ क्षेत्रों को खोलने का फैसला लिया है।
लेकिन कुछ लोगों ने इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन न कर दूसरे लोगों की जान जोखिम में डालने का काम किया है। उन्होंने कहा कि उनके लिए दिल्ली के लोग सबसे महत्वपूर्ण हैं। अगर लोगों ने आगे भी सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन नहीं किया तो वे उन क्षेत्रों से दुकानों को खोलने पर मिली छूट वापस ले लेंगे।


मुख्यमंत्री ने कहा कि इसी दिल्ली ने डेंगू को हराने में उनका साथ दिया था। जब दुनिया के लोग डेंगू के सामने हार मानने लगे थे, दिल्ली के लोगों ने 'दस हफ्ते, दस बजे, दस मिनट' के अभियान में उनका साथ दिया।


यही कारण है कि लगभग दो हजार डेंगू के मामले सामने आने के बाद भी दिल्ली में पिछले वर्ष डेंगू से कोई मौत नहीं हुई। वे अब उसी प्रकार का साथ कोरोना को हराने के लिए दिल्ली के लोगों से चाहते हैं।
बताया ये फार्मूला
उन्होंने कहा कि कोरोना से बचने के लिए लोगों को तीन प्रमुख बातों का पूरी तरह से पालन करना है। सबसे पहला कि लोग घर से बाहर निकलने के समय आवश्यक रूप से मास्क लगाएं। दूसरा लोग हर हाल में सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन करें।


तीसरा यह कि सभी लोग समय-समय पर हाथ धुलते रहें। इससे वे कोरोना संक्रमण से 90 फीसदी मामलों में बचे रहेंगे।


फैसला वापस ले सरकार
लेकिन शराब की दुकानों पर जमा हुई भीड़ देख विपक्ष दिल्ली सरकार पर हमलावर हो उठा। दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रामवीर सिंह बिधूड़ी ने कहा कि सरकार को अविलंब यह फैसला वापस लेना चाहिए।


उन्होंने पूछा कि अगर इस दुकानदारी से कोरोना संक्रमण एक महामारी का रूप ले लेता है और भारी संख्या में लोगों की जान को खतरा होता है तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा।


वहीं, कांग्रेस नेता जितेंदर कोचर ने कहा कि सरकार ने अपने आर्थिक लाभ के लिए शराब की दुकानों को खोलने का फैसला लेकर लोगों की जान खतरे में डालने का काम किया है। इस समय उसकी सबसे बड़ी जिम्मेदारी दिल्ली को कोरोना से बचाने की होनी चाहिए।


सरकार दावा कर रही है कि उसने कोरोना को रोकने के लिए जमीनी उपाय किये हैं। लेकिन सच्चाई यह है कि दिल्ली में लगातार कोरोना के मामले बढ़ते चले जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे में उन्हें अपनी जिम्मेदारी से बचना नहीं चाहिए और दिल्ली को कोरोना से बचाने की कोशिश करनी चाहिए।


उन्होंने कहा कि सरकार को कोई भी ऐसी कोशिश नहीं करनी चाहिए जिससे कोरोना संक्रमण और अधिक फैले।